- चढ़ावे पूजा की तारीख से कम से कम 2 दिन पहले बुक करने होंगे।
- मंदिर की परंपराओं के अनुसार पूजा का समय और क्रम बदल सकता है।
- चोरूणु, विद्यारंभ और वाहन पूजा के लिए भक्त को मंदिर में स्वयं उपस्थित होना होगा।
- डाक से भेजे गए प्रसाद में देरी के लिए मंदिर ज़िम्मेदार नहीं है।
- भक्तों के अनुभव समीक्षा के बाद ही प्रकाशित होते हैं; अनुचित सामग्री प्रकाशित नहीं की जाएगी।
